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एसआरएम यूनिवर्सिटी, एपी ने डॉ. जमशेद भरुचा को वाइस चांसलर नियुक्त किया
अमेरिकी शिक्षा क्षेत्र की एक विशिष्ट हस्ती डॉ. जमशेद भरुचा को एसआरएम यूनिवर्सिटी, एपी – अमरावती का नया वाइस चांसलर नियुक्त किया गया है। यह अमरावती स्थित एक नया अनुसंधान विश्वविद्यालय है और वे इसके संस्थापक कुलपति हो जाएं। भारत में इस समय उच्च शिक्षा क्षेत्र में चल रहे जोरदार विकास और सुधार तथा अनुसंधान में योगदान करने के लिए वे आइवी लीग से अलग हो रहे हैं।
विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में डॉ. भरुचा की भूमिका शिक्षा, अनुसंधान और जुड़ाव में उत्कृष्टता के लिए रणनीतिक दृष्टि मुहैया कराना होगा जो अंतरराष्ट्रीय स्तर मान्यताप्राप्त और राष्ट्रीय स्तर पर बदलाव लाने वाले संस्थान के लिए मुश्किल मौकों और चुनौतियों के अनुकूल हो। जोर इस बात पर रहेगा कि जो भी रुख अपनाया जाए वह कई विषयों से संबंधित हो और इस लिहाज से डॉ. भरुचा अच्छी स्थिति में हैं क्योंकि उनका अपना अनुसंधान कॉग्निटिव न्यूरोसाइंस और संगीत को जोड़ने वाला है।
डॉ भरुचा शैक्षिक क्षेत्रों में कई अग्रणी पदों पर रहे हैं। इनमें द कूपर यूनियन फॉर दि एडवांसवेंट ऑफ साइंस एंड आर्ट के प्रेसिडेंट, टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के प्रोवोस्ट और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट तथा डार्टमाउथ कॉलेज में फैकल्टी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेंज के डीन का पद शामिल है जहां वे पहले भारतीय अमेरिकी बने जिसे आइवी लीग यूनिवर्सिटी के एक स्कूल का डीन घोषित किया गया था। डार्टमाउथ की फैकल्टी में रहते हुए वे साइकलॉजिकल और ब्रेन साइंसेत के जॉनवेन्टवर्थ प्रोफेसर थे और हंटिगटन टीचिंग अवार्ड तथा दि अंडरग्रेजुएट टीचिंग स्पेशल अवार्ड (स्टूडेंट असेम्बली द्वारा दी जाती है) प्राप्त कर चुके थे। इस समय वे डार्टमाउथ कॉलेज में एक विशिष्ट फेलो हैं।
एसआरएम ट्रस्ट द्वारा स्थापित कई एसआरएम यूनिवर्सिटी कैम्पस में अमरावती कैम्पस सबसे नया, प्रगतिशील और महत्वाकांक्षी है। अमरावती कैम्पस की स्थापना के लिए एसआरएम ट्रस्ट ने $460 मिलियन लगाने की घोषणा की है। एसआरएम यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. पी सत्यनारायणन ने कहा, “डॉ. जमशेद भरुचा शिक्षा क्षेत्र की एक अग्रणी जानी-मानी हस्ती हैं और वाइस चांसलर के रूप में हम उनका स्वागत करते हुए बेहद उत्साहित महसूस कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे यकीन है कि हम इस भूमिका में अच्छा करेंगे और यह उनके विस्तृत अनुभव, जोरदार सुविज्ञता तथा हमारे मौकों और चुनौतियों से वाकिफ होने के आलोक में ही नहीं होगा बल्कि इसलिए भी विश्वविद्यालयों की सहायता करना उनकी प्रतिबद्धता है। और विश्वविद्यालय में हर कोई कुल मिलाकर विश्व की सेवा करता है।”
डॉ. भरुचा ने कहा, “यह अमरावती के लिए एक महत्वपूर्ण सय है जो असाधारण संभावनाओं और मौकों से भरा हुआ है ताकि ज्ञान, चुनौती और यथास्थिति की असाधारण संभावनाओं तथा मौकों को नए ज्ञान, चुनौतियों औऱ यथास्थिति के लिए आगे बढ़ाया जाए आखिरकार बड़ी अच्छाई की सेवा की जा सके और शिक्षा तक पहुंच बेहतर की जा सके।” उन्होंने आगे कहा, “ऐसा समय रणनीतिक सोच, लचीलेपन और युवा मस्तिष्क की उत्सुकता को जगाने और प्रेरित करने की आजादी का है। मैं अपने मिशन को आगे बढ़ाने का इंतजार कर रहा हूं ताकि यह विश्वविद्यालय एक महत्वाकांक्षा के साथ आगे बढ़ता रहे और इसके लिए छात्रों और फैकल्टी को प्रेरित किया जाता रहे जिससे वे अपने सपने पूरे कर सकें।” एसआरए यूनिवर्सिटी – अमरावती डॉ. भरुचा के नेतृत्व में एक बड़े रूपांतर के लिए तैयार है।
डॉ. भरुचा के नेतृत्व में एसआरएम यूनिवर्सिटी, एपी – अमरावती एक नए युग की शुरुआत करेगी और एक अच्छे भविष्य की बुनियाद तैयार होगी जो शैक्षिक खोज और जीवनभर की सीख का मार्ग प्रशस्त करेगी। एसआरएम यूनिवर्सिटी अमरावती में स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड अप्लायड साइंसेज के पहले बैच ने अभी हाल ही में अपने पहले वर्ष की कक्षाएं पूरी की हैं और विस्तार की अभी शुरुआत ही हो रही है। दि स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट एंड बेसिक साइंसेज की शुरुआत भी अभी-अभी हुई है और डॉ. भरुचा इनका स्वागत करने के लिए बिल्कुल समय पर सब कु संभाल रहे होंगे। शहर के योजनाकारों से विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता अगले कुछ वर्षों में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, मेडिसिन और लॉ के स्कूल खोलने की है ताकि छात्रों की संख्या पांच साल में 10,000 और 10 साल में 25,000 हो सके।
डॉ. भरुचा ने वस्सर कॉलेज से बायोसाइकोलॉजी में बीए किया और दर्शनशास्त्र में एमए की पढ़ाई येल यूनिवर्सिटी से की है। वे हावर्ड यूनिवर्सिटी से कॉग्निटिव साइकोलॉजी में पीएचडी हैं। ट्रिनिटी कॉलेज ऑफ लंदन से उन्हें वायलिन वादन में भी एसोसिएट्स डिप्लोमा (एटीसीएल) हासिल है। अमेरिका में नेशनल साइंस फाउंडेशन से उन्हें ढेरों ग्रांट मिल चुके हैं और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडी इन बिहेवियोरल साइंसेज में वे फेलो रहे हैं। वसर कॉलोज में उन्हें डिस्टिंग्यूश्ड अचीवमेंट अवार्ड मिल चुका है जहां वे बोर्ड ऑफ ट्रस्टी में है और उन्हें न्यूयॉर्क के कार्निज कोऑपरेशन से प्राइड ऑफ अमेरिका अवार्ड मिला है।


